शुक्रवार, 11 दिसंबर 2015

कविता

पता होना जरूरी है


जाने वाला पहुँचने वाला भी होता है
और जहाँ पहुँचना होता है
वह कहीं न कहीं तय होता है

मतलब
कहीं जाने के लिए कहीं जाने वाला
और कहीं का होना जरूरी होता है

और यह भी कि
अनगिन कहीं में से जाने वाले का कहीं
कहीं न कहीं गिना हुआ होता है

इसलिए तय कहीं पर जाने के लिए
तय कहीं पर जाने वाले को
उस तय कहीं का पता भी
पता होना जरूरी होता है

अक्सर, कहीं जाने वाले को
तय कहीं पर भेजने वाला
एक कोई भी होता है

और कोई को कहीं का पता
अक्सर पता होता होता है

कहीं जाने वाला, और उसका तय कहीं
व्यक्ति, वस्तु, स्थान आदि संज्ञाएँ
और इनके स्थान पर आने वाले
मैं तुम और वह आदि सर्वनाम
पत्र, धन और योजनाएँ
ज्ञान, विज्ञान और विचार 
कुछ भी हो सकता है

आजकल हमारे तंत्र में
कोई और कहीं
व्यक्ति और विचार के अलावा
कुछ भी हो सकता है

और यह भी कि
कोई को कहीं का पता
जरूर पता होता होता है
इसलिए कि दोनों वही होता है।
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