गुरुवार, 23 मई 2019

अनुवाद

मोट्ठा अउ दुबला - एंटोन चेखव 

(FAT AND THIN के छत्तीसगढ़ी अनुवाद - कुबेर)


दू झन मितान के, जउन म एक झन हर ह मोट्ठा रिहिस अउ दूसर ह दुबला रिहिस, अचानक निकोलेवस्की स्टेशन म भेट हो गिस। मोटल्ला हर खाना खाके डकारत निकलत रिहिस अउ वोकर ओठमन हर चेरी कस चिक्कन रिहिस अउ चमकत रहय। वोहर शेरी अउ बेगोर डोरंगे झड़क के निकलत रिहिस। वोकर कपड़ामन ले महंगा इत्र (Fleur d'orange) के खुसबू आवत रहय। दुब्बर हर रेलगाड़ी ले कइसनोे करके अपन डब्बा ले निकले रहय। वोकर तीर सूटकेस, संदूक अउ खूब अकन समान रहय। वोकर मुँहू ले सूअर के सुक्खा मांस अउ काफी के गंध आवत रहय। वोकर पीछू-पीछू लंबा डाढ़ीवाली वोकर घरवाली अउ एक झन स्कूल म पढ़इया लइका जेकर एक आँखी हर खराब हो गे रिहिस, आवत रिहिन।

’’पोर्फिरी’’ दुब्बर आदमी ल देख के मोटल्ला आदमी हर चिल्लाइस। ’’तंय हरस? मोर मयारुक संगवारी! कतका गरमी अउ कतका ठंडकाला बीत गिस तोर से मिले।’’

’’ओहो, पवित्र संत पुरूष,’’ दुब्बर हर चकरित खा के चिल्ला के किहिस, ’’मीशा! मोर बचपन के संगवारी! तंय कोन डहर ले टपक गेस?’’

दुनों संगवारमन एक-दूसर ल तीन घांव ले चूमिन। एक-दूसर ल देख के दुनों के आँखींमन डबडबा गिन। दुनों ल एक-दूसर ले मिल के घोर आस्चर्य होइस।

एक-दूसर ल चूमे के बाद दुब्बर हर किहिस, ’’मोर मयारुक बच्चा, अचानक भेट हो जाही कहिके मंय हर तो सोचे घला नइ रेहेंव। सचमुच आस्चर्य के बात हे। बने ढंग ले मोला देख ले। मंय अभी घला वोतकिच सुदर हंव, जइसे पहिली रेहेंव। एकदम मयारुक अउ छैला जवान। मोला बहुत अच्छा लगिस। अब तंय बता, कइसे हस? अपन किस्मत ल चमकायेस कि नहीं? बिहाव करेस कि नहीं? जइसे कि देखतेच हस, हम तो बिहाव कर डरे हन ........ये हर मोर घरवाली लुईस हरे। लुथेरन परंपरा के मुताबिक येकर मायके के नाम वैंटसेनबैक रिहिस। अउ येहर मोर बेटा हरे, नफनैल, अभी स्कूल म तीसरी कक्षा म पढ़त हे। ये हरे स्कूल के जमाना के मोर मितान, नफन्या। स्कूल म हमर संग कभी नइ छूटय।’’

नफनैल हर थोरिक देर सोचिस अउ बाप के मितान के  सम्मान म अपन टोपी ल निकाल लिस।

’’स्कूल म हमर संग कभी नइ छूटय,’’ दुब्बर हर बात ल आगू बढ़ाइस, ’’तोला सुरता हे, लइकामन तोला कइसे कुडकावंय? वोमन तोर नाम बढ़ाय रिहिन, हेरोस्ट्रेटस, काबर कि तंय हर एक घांव अपन किताब मन ल सिगरेट म जला के छेदा-छेदा कर डरे रेहेस। अउ मोर नाव बढ़ाय रहंय, एफिलिट्स, काबर कि मोला किस्सा-कहानी कहे म मजा आवय। हो ..... हो.... बचपनप के बात आय, नफन्या, लजा मत। इहाँ आ, येहर मोर घरवाली हरे, लुथेरन परंपरा के मुताबिक येकर मायके के नाम वैंटसेनबैक हे। ....... ’’

नफनैल हर पता नइ, का सोचिस ते बाप के पीछू म जाके लुका गिस।

’’अच्छा हे, मयारुक संगवारी, अब तंय बता, कइसे हस?’’ अपन संगवारी डहर प्यार से देखत मोठल्ला हर पूछे के सुरू करिस, ’’का तंय हर नौकरी करथस? कोन दर्जा तक पहुँचे हस?’’

’’मंय तो सबके दुलरवा बच्चा हंव! दू बरस हो गिस, मंयहर कालेज म मूल्यांकनकर्ता के पद म हंव अउ मोर कना स्टानिस्लाव घला हे। पन तनखा हर एकदम कम हे, कोई बात नहीं! मोर घरवाली हर संगीत के कक्षा चलाथे। अउ मंय हर नौकरी के संग निजी तौर म लकड़ी के नक्कासीदार सिगरेट डब्बा, ’कैपिटल्स सिगरेट केस’ बेचे के काम करथंव। एक डब्बा के एक रूबल लेथंव। अउ कोनो हर दस ठन लेथे तब, सवाले पैदा नइ होवय, कम करथंव। कइसनो करके पइसा आना चाही, बस। आप तो जानथव, मंयहर लिपिक के काम करथंव, अउ अब मोर इहाँ विहिच विभाग म टरान्सफर हो गे हे। अब मय इहाँ काम करेबर जावत हंव। अउ अब आप अपन बारे म बतावव? मंय हर सरत लगा सकथंव, अब तक आप सिविल पारसद नइ बन गे हव? अंय?’’

’’बिलकुल नहीं मोर प्रिय बच्चा, वोकरो ले ऊँचा बढ़ जा,’’ मोटल्ला आदमी हर किहिस, मंय तो पहिलिच प्रिवी काउंसलर बन चुके हंव ..... मोर कना दो स्टार हे।’’

सुनके दुब्बर मनखे के मुँहू हर पिंवरा गिस अउ फक पर गिस। जल्दी वोहर अपन चेहरा ल मुरेर-मुरिर के  बनावटी हँसी हँसे लगिस। अइसे लगिस कि जानोमानो वोकर आँखी अउर वोकर चेहरा ले चिंगारी निकलत होय। वोहर फुसफुसा के कुछू किहिस। वोकर चेहरा म हीन भाव दिखे लगिस। वोकर चेहरा ले खुसी के जम्मों भाव गायब हो गिस। वोला अपन सूटकेस, संदूक अउ समान मन तुच्छ लगे लगिस। ....... वोकर घरवाली के लंबा डाढ़ी हर अउ लंबा दिखे लगिस। वोकर बेटा, नफनैल हर एकदम सावधान हो गिस अउ अपन डरेस के बटनमन ल ठीक करे लगिस।

’’महामहिम! मोला खुसी होइस! कोनो कहि सकथे कि बचपन के संगवारी हर अब एक महान व्यक्ति बन चुके हे! वोहर... वोहर..!’’

’’अरे नहीं, नहीं, प्यारे।’’ मोटल्ला हर बात ल आगू बढ़ावत किहिस, ’’अचानक तोला का हो गिस? मंय अउर तंय अभी घला वइसनेच संगवारी हन जइसे बचपन म रेहेन। अउ कोनो आधिकारिक औपचारिकता निभाय के जरूरत नइ हे।’’

’’आप दयालु हव महामहिम! ये आप का कहत हव........?’’ दुब्बर आदमी ल जइसे साँप सूँघ लिस होय, पहिली ले अउ जादा किलौली करत किहिस, ’’महामहिम! आपके किरपा हे जउन मोला अतका महत्व देवत हव, जइसे कि मोर खातिर सरग के भोजन ....... ये, महाहिम, मोर पुत्र नफनैल, ...... मोर पत्नी, लुईस, निस्चित रूप से लुथेरन ।’’

मोटा आदमी हर थोरिक विरोध करे के कोसिस करिस, वोला समझाय के कोसिस करिस, पन दुब्बर अदमी के चेहरा म अपार श्रद्धा, विनम्रता अउ आत्मिक सम्मान के जउन भाव परत देखिस वोकर ले वोहर हार गिस। वोला पतला आदमी ले दुरिहा घूँचना उचित लगिस, फेर जावत-जावत वोहर अपन हाथ ल वोकर हाथ म दे दिस।

पतला आदमी हर वोकर तीन अँगरी ल दबाइस, अउ वोकर सम्मान म अपन पूरा सरीर ल झुका लिस अउ चीनीमन सरीख छींकिस। 

’’वो ...वो.... वो।’’ वोकर घरवाली हर मुसकाइस। नफनैल हर एड़ी रगड़ के अपन टोपी ल उतार लिस। 

तीनों के तीनों अपन हार स्वीकार कर चुके रिहिन।
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टीप:-
1. Fleur d'orange: एक परकार के इत्र।
2. Lutheran:  रसियन मूल के जरमन अल्पसंख्यक।
3. Nafanail:  रूस में एक मजाकिया नाम
4. Herostratus:   356 ई. पूर्व के एक विक्षिप्त आदमी जउन हर आर्टेमिस के मंदिर के मंदिर ल जला देय रिहिस।
5. The Stanislav:   रूस म तेरहवाँ नंबर के सरकारी पद
6. Privy councillor:  रूस म तीसरा नंबर के सर्वोच्च सरकारी पद
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