सोमवार, 22 मई 2017

आलेख

साहित्य और संस्कृति की मासिक पत्रिका ’आजकल’ मई 2017 ’भारतीय नव जागरण और हिंदी’ अंक कं कुछ अंश और -
1
दाराशिकोह जितना उदार और सहिष्णु था, उसका भाई औरंगजेब उतना ही क्रूर था तथा राजसत्ता हड़पने के लिए उसने दारा की हत्या करा दी। बंदी बनाये गये गर्मी से प्यासे शाहजहाँ ने औरंगजेब को एक पत्र लिखा था, ’’हिंदुओं की तारीफ करनी चाहिए जो अपने मरे हुए संबंधियों को भी पानी देते हैं और तू मेरा बेटा अद्भुत मुसलमान है कि मुझ जीते हुए को पानी के लिए तरसा रहा है।’’
(पृष्ठ 32)

2
इतिहासकार जदुनाथ सरकार का यह कथन सही है कि भारत को एक शांत और सुरक्षित राष्ट्र बनाने के लिए हिंदू धर्म और इस्लामद दोनों को मरना होगा और फिर जन्म लेना होगा, कठोर तपस्या और पश्चाताप करके, विवेक और विज्ञान के प्रभाव से स्वयं को शुद्ध करना होगा और नया जीवन प्राप्त करना होगा।
(पृष्ठ 32)
3
उन्होंने (राजा राममोहन राय) लार्ड एमहसर्ट को दिसंर 1823 में एक पत्र लिखा था, ’’यदि अंग्रेजी संसद की इच्छा है कि भारत अंधकार में रहे तो संस्कृत शिक्षा से उत्तम कुछ नहीं हो सकता। परंतु सरकार का उद्देश्य भारतीय लोगों को अच्छा बनाना है। अतएव सरकार को एक उदारवादी शिक्षा का प्रसार करना चाहिए जिसमें गणित, सामान्य दर्शन, रसायनशास्त्र, शरीर रचना (एनाटोमी) तथा अन्य लाभदायक विज्ञान इत्यादि सम्मिलित हों और निश्चित धनराशि से विदेशों से कुछ विद्वान भर्ती किये जाएं और यहाँ कालेज खोले जाएं।’’(पृष्ठ सं.144-45)
(पृष्ठ 38)
’   

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